भारतीय टीम एशिया कप की सरताज बन गयी है |सपाट पिच पर आते ही भारतीय ओपनर्स पुनः अपने चिर परिचित अंदाज में आ गये| शिखर धवन जहां मैन ऑफ़ द सीरीज़ बने, वहीं कप्तान रोहित का औसत 105 रहा | भारतीय गेंदबाजी भी अपने उच्चतम स्तर पर है | भुवनेश्वर कुमार व बुमराह विश्व के बेहतरीन अंतिम ओवर के गेंदबाज है | स्पिन की तो अब भारत के पास फ़ौज है | एशिया कप के टॉप 11 गेंदबाजों में भारत के 6 गेंदबाज है, जिनमें से 4 स्पिनर्स है | भारतीय टीम प्रबंधन का आराम के बहाने कोहली को एशिया कप से दूर रखना , एक सोची समझी रणनीति थी | टीम प्रबंधन अपना मध्यक्रम जांचना चाहता था | किन्तु अभी भी मध्यक्रम और निचला मध्यक्रम टीम प्रबंधन के लिए चिंता का सबब बना हुआ है | 2019 वर्ल्ड कप के लिए एक सम्पूर्ण टीम की आवश्यकता है | एशिया कप विजयी होने के बाद भी भारतीय टीम प्रबंधन मध्यक्रम पर पूर्ण विश्वास अभी भी नहीं कर सकता है | भारत की जीत जरूर ऊपरी तौर पर खुशियां ला रही है ,किन्तु चिंता के निम्न कारन अभी भी विध्यमान है :-

  • मजबूत मध्यक्रम की कमी

दिनेश कार्तिक ने निदाह कप में जैसे अंतिम गेंद पर छक्का मारकर मैच जिताया था, उससे लगा था कि भारत को जिस भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज की आवश्यकता थी , वो पूरी हो गयी है, किन्तु उसके बाद उन्होंने उपयोगी पारियां तो खेली लेकिन वह प्रदर्शन दोहरा नहीं पाए | मनीष पांडेय , केदार जाधव , के. एल. राहुल , आजिंक्य रहाणे शुरुआत तो कर पाते है, परन्तु जरूरत पड़ने पर बड़ी पारी नहीं खेल पाते है |

  • धोनी का फॉर्म में नहीं होना 

आज ये बात जगजाहिर है कि धोनी जब तक क्रीज़ पर है , दूसरी टीम मैच ख़त्म नहीं मान सकती | कप्तान चाहे कोई भी हो, मैदान पर धोनी की मौजूदगी निर्णय को बेहतर बनाती है | उनकी विकेट कीपिंग फॉर्म तो लाजवाब है किन्तु उनकी बल्लेबाजी फॉर्म का आना टीम के लिए बेहद आवश्यक है | धोनी अपनी पुरानी लय में नहीं है , यहीं चिंता का कारण है |

  • हार्दिक, केदार या जडेजा

तीनो ही बेहद आक्रामक बल्लेबाज है , किन्तु अभी तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए है | गेंदबाजी में तीनो का प्रदर्शन काबिले तारीफ है पर टीम को उनसे बल्लेबाजी में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है | टीम प्रबंधन को जहा इनके कारण पिच के अनुसार टीम चयन की आजादी है किन्तु तीनो में से कोई भी पूर्ण भरोसा करने लायक खेल नहीं दिखा पाया है |

  • तीसरे तेज गेंदबाज की कमी

भारत के पास विकल्प बहुत है, परन्तु भूवी, बुमराह के चोट लगने की स्थिति में उतना भरोसा करने लायक तेज गेंदबाज नहीं है | मूवी, बुमराह तीनो प्रारूप खेल रहे है जिससे उनकी फिटनेस भी उन पर अतिरिक्त भार डाल रही है | यादव , चाहर , इशांत, शमी जैसे गेंदबाज अच्छे है पर अंतिम ओवरों में काफी महंगे साबित होते है

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